कार्यक्रम मे जनपद सहित अंर्तजनपदीय कई नामचीन कवि एंव शायर रहे मौजूद, श्रोताओं ने जमकर लगाए ठहाके।
सगरा सुन्दरपुर प्रतापगढ़ । लक्ष्मणपुर बाजार मे रविवार की रात शिक्षाविद मालवीय पंडित मुनीश्वर दत्त उपाध्याय एवं विकास के महारथी पूर्व मंत्री खादी ग्रामोद्योग स्व राजाराम पाण्डेय के स्मृति में आयोजित अखिल भारतीय कवि सम्मेलन, मुशायरा एवं सम्मान समारोह सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम के दौरान समाज के कई गणमान्य लोगों का आयोजक समिति द्वारा सारस्वत सम्मान किया गया। कार्यक्रम का उद्घाघाटन मुख्य अतिथि सपा नेता संजय पाण्डेय रहे। संजय तिवारी ( बडे़ ) पूर्व प्रमुख विकास खंड लक्ष्मणपुर के साथ विशिष्ट अतिथि अमित चौबे छात्र नेता लखनऊ विश्वविद्यालय ने संयुक्त रूप से फीता काट कर किया। इसके पूर्व अतिथियों ने मां सरस्वती के चित्र के समीप दीप प्रज्वलन कर एंव मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण कर किया । कार्यक्रम की शुरुआत हरदोई से पधारी कवियित्री प्रियंका द्विवेदी ( स्वर कोकिला ) के सुमधुर वाणी वंदना से हुई । इसके बाद फय्याज अहमद ( परवाना ) ने सामाजिक ताने बाने पर आधारित रचना को पढ़ कर उपस्थित श्रोताओं को रोमांचित किया। सुलतानपुर से आयी कवियित्री सिद्धि मिश्रा ने, वो जली हुई राख नही, अमरदीप होता है, जो मरकर मिटता है वतन पर, वो शहीद होता है, पढ़कर उपस्थित श्रोताओं मे देश प्रेम का रोमांच भरा । लक्ष्मीकांत मिश्र ( कमल नयन ) ने, ए मिट्टी हमे जान से प्यारी है दोस्तों, खंडित नही पूरा हिन्दुस्तान चाहता हूं, को पढ़कर कार्यक्रम को ऊंचाई प्रदान किया, तत्पश्चात हास्य व्यंग्यकार इन्दु सुल्तानपुरी ने जैसे ही, सब नेतन के कल्याण होए, श्रीराम चन्द्र जी से दुआ करा, ई पब्लिक भोलि भैंसि होई, बारी- बारी सब दुहा करा, को पढ़ा तो पाण्डाल तालियों की गडगडाहट से गूंज उठा । उत्कर्ष श्रीवास्तव ने एक हाथ मे गीता तो दूसरे मे कुरान रखता हूं, मजहब का आइना कुछ भी हो, दिल मे वो हिन्दुस्तान रखता हूं । अमर पाल ने मां के चरणों मे मै प्रणाम करूं, कर्म अपने पिता के नाम करूं, राहें मंजिल की जो दिखाते हैं, उनका वंदन मै सुबह-शाम करता हू । चांदनी दुबे ( उमंग ) ने शीतल जल जैसी ठन्डी हूं, ममता की फुलवारी हूं, प्रेम भरा है अंर्तमन मे, एक सुशिक्षित नारी हूं, को पढ़कर उपस्थित श्रोताओं को भाव विभोर किया । इसके अलांवा शीतला सुजान ने, मैने चेहरों पर बनावट के आवरण देखा, रहनुमाओं का भ्रष्ट आचरण देखा, नेता अफसर हों या कानून के पुजारी हों, राम चेहरे पे मगर दिल मे रावण देखा, को पढ़कर लोगों का दिल जीता । इसके पश्चात भावुक, नारेन्द्र निराश, सुधीर रंजन ( अमेठी ), सूफियान हस्सान ( सागर ), दुर्गेश ( दुर्लभ ), बृजेश पाण्डेय ( इन्दु सुल्तानपुरी ) तथा मंच के संस्थापक संतोष श्रीवास्तव विद्रोही एवं साहित्यकार ( लंठ ) प्रतापगढी ने भी काव्य पाठ कर उपस्थित श्रोताओं को हंसाया गुदगुदाया । कार्यक्रम मे बतौर मुख्य अतिथि के रुप मे पहुंचे सपा नेता संजय पाण्डेय ने कहा कि कविता समाज के हर पहलू को लोगों के बीच मे सरलता व सहजता से पहुंचाने का माध्यम है और अपनी तथा समाज के बातों को जिम्मेदारों तक पहुंचाने का सरल तरीका भी है । उन्होने अपने पिता पूर्व खादी ग्रामोद्योग मन्त्री रहे राजाराम पाण्डेय के स्मृतियों के बारे मे जिक्र करते हुए कहा कि हमारे पिता ने विश्वनाथगंज को अपना घर माना था मेरा सौभाग्य है पिता के परिवार रुपी विधानसभा का मै सदस्य हूं, विधानसभा के लोगों ने जिस तरह पिता को अपना आशीष एंव स्नेह दिया था वही प्यार व दुलार व आशिर्वाद मुझे भी दे रहे हैं जिसका मै आजीवन ऋणि रहूंगा । आगे उन्होंने कहा कि यदि अवसर मिला तो विधानसभा मे विकास का जो सपना पिता जी ने देखा था उसे साकार करने मे कोई कोर कसर नही छोड़ूगां । बतौर विशिष्ट अतिथि के रुप मे बोलते हुए पूर्व प्रमुख संजय तिवारी ( बड़े ) ने कविता को समाज का आइना बताते हुए कहा कि कवि अपने रचनाओं के माध्यम से समाज के हर उस पहलू को बहुत ही सरल एंव सुदृढ़ तरीके से लोगों तक पहुचा देते हैं जहां बहुत से लोग नही पहुंच पाते ,उन्होने पुरानी कहावत जहां न पहुचे रवि उहां पहुचैं कवि, के बारे मे बताते हुए कविता को समाज को लिए सार्थक एंव जीवनोपयोगी अंग बताया, साथ ही उन्होने शिक्षाविद् पं.मुनीश्वर दत्त के जीवन चरित्र पर भी प्रकाश डाला ।इसके पश्चात लखनऊ विश्वविद्यालय के छात्र नेता अमित चौबे ( रुद्र ) सहित कई मनीषी विद्वान वक्ताओं ने अपने विचार रखते हुए साहित्यकारों को समाज का आइना बताया एंव विकास पुरुष के रुप मे जाने विख्यात रहे स्व. राजाराम पाण्डेय के द्वारा जनहित मे किए गए कार्यों को बारे मे उपस्थित लोगों को बताया तथा शिक्षाविद पं. मुनीश्वर दत्त के जीवन चरित्र पर भी प्रकाश डाला।कार्यक्रम के संस्थापक संतोष श्रीवास्तव ( विद्रोही ) एंव प्रमोद द्विवेदी ( लंठ ) ने कार्यक्रम मे चार- चांद लगाने मे एंव व्यवस्थाओं मे कोई कोर कसर नही रखा । कार्यक्रम का संयोजन फिल्म अभिनेता रत्नेश द्विवेदी एडवोकेट ने किया । कार्यक्रम का संचालन कवि अमरपाल ( अमर रायबरेली ) ने किया । अंत में कार्यक्रम की संयोजिका चाँदनी दुबे ने आए हुए समस्त अतिथियों के साथ ही साथ समस्त श्रोताओं के प्रति आभार भी व्यक्त किया । इस मौके पर भारत गैस एजेंसी तेजगढ़ बैगी पांडे, राम राज पांडे पूर्व शिक्षक ,साबिर पहलवान प्रधान पतुलकी,महेंद्र प्रताप सिंह प्रतिनिधि डॉ आर पी चौबे, शशिकांत शुक्ला प्रधान शिवबोझ, निशा कांत पांडे, राम अभिलाख, मुकदम खान बीडीसी डांड़ी, रामचंद्र शुक्ल पूर्व प्रधान, अशोक शुक्ला, मारुति किसान सेवा केंद्र के प्रोपराइटर प्रफुल्ल चंद्र पांडे सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।



उत्तरप्रदेश







शेयर करें



































































