किशोरावस्था के समय पढ़ाई में एकाग्रता की कमी एक मुख्य कारण :डॉ सुमन प्रसाद मौर्य
अयोध्या। आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय कुमारगंज ,अयोध्या में प्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन के निर्देश के क्रम में विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ बिजेंद्र सिंह एवं अधिष्ठाता डॉ नमिता जोशी के मार्गदर्शन में बच्चों के सर्वांगीण विकास हेतु विश्वविद्यालय परिसर में स्थिति एन डी डी ए वी पब्लिक स्कूल में कार्यक्रम आयोजित किया गया ।इस माह की 14 तारीख को बच्चों के प्रिय चाचा नेहरू के जन्म के अवसर पर बच्चों के सर्वांगीण विकास हेतु अनेकों कार्यक्रम किए जाते हैं । इसी श्रंखला में आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कुमारगंज, अयोध्या के सामुदायिक विज्ञान महाविद्यालय के मानव विकास विभाग द्वारा कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के आरंभ में डॉ प्राची शुक्ला गेस्ट फैकल्टी ने उपस्थित अतिथियों तथा छात्र छात्राओं का स्वागत किया। डीएवी पब्लिक स्कूल की इशिका एवं शालिनी ने स्वागत गीत गाया। तदुपरांत डॉ सुमन प्रसाद मौर्य सह प्राध्यापक एवं विभागाध्यक्ष ने बाल दिवस की बधाई देते हुए बताया कि किशोरावस्था जीवन का एक नाजुक चरण होता है, जिसमें प्रमुख शारीरिक, क्रियात्मक एवं व्यवहारिक परिवर्तन होते हैं। किशोरावस्था में अनेकों परेशानियां किशोरों को चिंता ग्रसित करते हैं , जो उनकी वर्तमान और भविष्य के साथ जुड़े हैं। इनमें से कुछ प्रमुख परिवार से संबंधित समस्याएं, शिक्षा, तनाव से जूझना, स्वास्थ्य संबंधी जैसे मुद्दे हैं । किशोर अपनी जीविका का साधन, भ्रष्टाचार , भौतिकता वाद, लिंगभेद, डिप्रेशन, व्यक्तिगत एवं वित्तीय सुरक्षा को लेकर भी चिंतित रहते हैं। डॉ मौर्या ने किशोरों को मानसिक तनाव से जूझने के उपाय भी बताएं। डाँ सरिता श्रीवास्तव ने दिन प्रतिदिन के जीवन में माता-पिता व समाज द्वारा किए जा रहे लिंग भेद के व्यवहार के बारे में विस्तार से बताते हुए लिंग भेद से संबंधित विभिन्न आंकड़े प्रस्तुत कर सभी को लिंग भेद ना करने के विषय में जागरूक किया । हमारे समाज में शिक्षित तथा तथाकथित संस्कृत लोगों द्वारा बच्चे के जन्म से पूर्व लिंग जांच कराया तथा जाना गलत है और इसके विषय में भी अन्य जानकारी दी। यह कार्यक्रम महिला अध्ययन के अंतर्गत किया गया । डॉ प्राची शुक्ला ने किशोरावस्था में परिवार संबंध एवं सहयोग के बारे में चर्चा की । कार्यक्रम में उपस्थित 80 छात्र-छात्राओं को अपनी बात रखने का मौका दिया गया। छात्र छात्राओं ने इस विषय पर भरपूर रूप से अपनी बात पैनल के सामने रखी और इस पर चर्चा की गई । उन्होंने बताया की पढ़ते समय उन्हें ध्यान केंद्रित करने की बड़ी समस्या है। l विवेक मौर्य, मधु सिंह, आयुषी एवं छात्र छात्राओं ने भी अपनी बातें प्रश्न सामने रखी और उन पर चर्चा हुई। एन डी डी ए वी पब्लिक स्कूल की प्राचार्या श्रीमती पुष्पा कुमारी ने अपने अध्यक्षीय भाषण में किशोरों- किशोरियों को अन्याय के विरुद्ध विरोध करने हेतु उत्साहित किया,कहा हर परिवर्तन की शुरुआत घर से होती है, परिवार में होकर लड़की और लड़कियों के भेदभाव समाप्त करना चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा कि बच्चों के जो भी कुछ मुद्दे या समस्याएं होती है, उन्हें अपने माता-पिता के साथ साझाकरते हुए समाधान करना चाहिए।इस अवसर पर छात्र-छात्राओं को मिठाई वितरण किया गया । इस मौके पर शशि यादव, रोशनी सिंह एवं कुसुमलता चौहान ने भी सहयोग किया। मीडिया प्रभारी डाँ अखिलेश कुमार सिंह ने बताया कि सामुदायिक विज्ञान महाविद्यालय की महिला अध्ययन केंद्र द्वारा मानव विकास एवं परिवार अध्ययन विभाग के सहयोग से इस माह में और भी बाल दिवस संबंधित कार्यक्रम किए जाएंगे ।



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