मंझनपुर चौराहे में सरकारी बसों को खड़ा नही होने देते डग्गामार चौराहे में खड़ी खड़ी होती है डग्गामार बसें, सरकारी 500 मीटर दूर
कौशाम्बी। मंझनपुर मुख्यालय स्थित सदर कोतवाली से सटे मुख्यालय चौराहे पर सरकारी बसों की जो फजीहत देखी जा रही है वह सरकारी ब्यवस्था पर खुलेआम सवाल खड़ा कर रही है। लंबे समय से मंझनपुर चौराहे के पास प्रयागराज से चलकर महेवाघाट ,वाराणसी ,बांदा ,कानपुर,फतेहपुर व अन्य मार्गों पर चलने वाली निगम की बसों के लिए उनके नियत स्थान पर खड़ा होने की कोई जगह नहीं रह गई है ।बसों के आते ही या तो उस जगह डग्गामार बसें या फिर छोटे-मोटे डग्गामार वाहन अपना कब्जा जमाए देखे जाते है।वही सरकारी बसों के आते ही प्राइवेट बसों के संचालन करने वाले ठेकेदार बस को आगे बढ़ाने की चालक व परिचालक को चेतावनी देते हुए सरकारी बस को चौराहे से लगभग 500 मीटर दूर ही खड़ा होने देते है।जबकि उक्त चौराहे से थाना महज दो कदम ही दूर स्थित है। ऐसा नहीं कि यह वाकया स्थानीय पुलिस द्वारा न देखा जाता हो ।परंतु सब कुछ जानते हुए भी स्थानीय पुलिस मूकदर्शक की भूमिका निभाते देखी जाती है। ज्ञात हो कि प्रयागराज से महेवाघाट व अन्य मार्गों के लिए सरकारी बसों का संचालन किया जाता है। जो मुख्यालय के मंझनपुर से होते हुए वाराणसी ,कानपुर, फतेहपुर, बांदा ,चित्रकूट सहित अन्य जनपदों को जाती हैं। मौजूदा समय सरकारी बसों के चौराहे पर नियत स्थान पर खड़ा न होने की दशा में राहगीरों को कड़ी मशक्कत का सामना करना पड़ता है। गौरतलब हो कि मौजूदा समय डग्गामार वाहन जिस कदर अपना दबदबा सरकारी व्यवस्था पर बनाए हुए हैं वह कहीं ना कहीं सरकारी व्यवस्था पर खुलेआम सवाल खड़ा कर रहा है। मंझनपुर चौराहे पर सरकारी बसों के आते ही डग्गामार वाहनों के ठेकेदार डंडा लेकर सरकारी बसों को आगे खड़ा करने का इशारा करते देखे जाते हैं ।ऐसा ना करने की दशा में कई मर्तबा सरकारी बस के चालक व परिचालक से तू तू मैं मैं व भला बुरा कहते हुए भी नजारा देखा जाता है। जनपद के संभ्रांत नागरिकों ने जिलाधिकारी वा एआरटीओ सहित अन्य जिम्मेदारों का ध्यान सरकारी व्यवस्था पर हावी डग्गामार वाहनों की तरफ आकृष्ट कराते हुए मुकम्मल व्यवस्था कराए जाने की मांग की है।
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