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राम मंदिर की नींव का निर्माण 20 सितंबर तक होगा पूरा

अयोध्या । अयोध्या में श्रीराम मंदिर की नींव का काम 20 सितंबर तक पूरा हो जाएगा। राम मंदिर की नींव की 44 लेयर ढाली जा चुकी हैं। अभी तकरीबन एक मीटर नींव की ढलाई और की जानी है। कुल 48 लेयर ढाली जानी हैं। चार लेयर की ढलाई अभी और होनी है। इस समय नींव निर्माण के साथ-साथ नींव के किनारे वाले हिस्सों को मिट्टी से भरा जा रहा है। कार्यदायी संस्था की निगरानी में ये कार्य चल रहा है। शेष चार लेयर की ढलाई होने के साथ ही 20 सितंबर तक यह कार्य पूरा हो जाएगा। श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य डाक्टर अनिल मिश्र ने बताया कि अभी एक मीटर नींव की फिलिग की जानी है। शेष कार्य पूरा हो गया है। उन्होंने सात से दस दिन में इसके पूरा होने की बात कही। कुल 40 फीट नींव की फिलिग होनी थी, अधिकांश हिस्सों में सीमेंट, पत्थर की गिट्टी व पाउडर, कोयले की राख के मिक्स मैटेरियल से फिलिग की जा चुकी है। 12 इंच मोटी नींव की एक लेयर ढाली जा रही है, इस पर वाइब्रो रोलर चलाकर इसे दो इंच तक दबाया जाता है। इसके बाद लेयर की मोटाई दस इंच ही बचती है। अक्टूबर माह से प्लिथ (प्रतिष्ठान) निर्माण शुरू होगा। प्रतिष्ठान पर पत्थरों को बिछाया जाएगा। इसके लिए पत्थरों की तराशी भी शुरू हो गई है।

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अयोध्या । अयोध्या में श्रीराम मंदिर की नींव का काम 20 सितंबर तक पूरा हो जाएगा। राम मंदिर की नींव की 44 लेयर ढाली जा चुकी हैं। अभी तकरीबन एक मीटर नींव की ढलाई और की जानी है। कुल 48 लेयर ढाली जानी हैं। चार लेयर की ढलाई अभी और होनी है। इस समय नींव निर्माण के साथ-साथ नींव के किनारे वाले हिस्सों को मिट्टी से भरा जा रहा है। कार्यदायी संस्था की निगरानी में ये कार्य चल रहा है। शेष चार लेयर की ढलाई होने के साथ ही 20 सितंबर तक यह कार्य पूरा हो जाएगा। श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य डाक्टर अनिल मिश्र ने बताया कि अभी एक मीटर नींव की फिलिग की जानी है। शेष कार्य पूरा हो गया है। उन्होंने सात से दस दिन में इसके पूरा होने की बात कही। कुल 40 फीट नींव की फिलिग होनी थी, अधिकांश हिस्सों में सीमेंट, पत्थर की गिट्टी व पाउडर, कोयले की राख के मिक्स मैटेरियल से फिलिग की जा चुकी है। 12 इंच मोटी नींव की एक लेयर ढाली जा रही है, इस पर वाइब्रो रोलर चलाकर इसे दो इंच तक दबाया जाता है। इसके बाद लेयर की मोटाई दस इंच ही बचती है। अक्टूबर माह से प्लिथ (प्रतिष्ठान) निर्माण शुरू होगा। प्रतिष्ठान पर पत्थरों को बिछाया जाएगा। इसके लिए पत्थरों की तराशी भी शुरू हो गई है।

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