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प्राथमिक विद्यालय में अध्यापक मिले नदारद

मवई अयोध्या । के लाख प्रयास के बावजूद सरकारी स्कूलों की दशा में कोई सुधार होता नही दिख रहा है।ऐसे में सवाल यह उठता है कि आखिर बच्चो का भविष्य कैसे सुधरेगा।पिछले लगभग एक वर्षो से कोरोना का दंश झेल रहे नौनिहालों की पढ़ाई पर काफी असर पड़ा है।अब जब सरकार के आदेश पर सभी प्राथमिक विद्यालय खुल गए है पर अध्यापकों का रवैया जस के तस नजर आ रहा है।सरकारी स्कूलों की दशा को देखकर अभिभावक अपने बच्चो को प्राइवेट स्कूलों में पढ़ाना चाहते है लेकिन सभी अभिभावक अपने बच्चो को सरकारी नौकरी जरूर दिलाना चाहते है।क्योकि सरकारी स्कूलों की दशा को नही बल्कि अध्यापकों के सुकून को अच्छे से देख रहे हैं।ताजा मामला विकास खंड मवई शिक्षा क्षेत्र अंतर्गत प्राथमिक विद्यालय गोड़ियन पुरवा का है जहाँ प्रधानाचार्य चंदा वारसी ही मौजूद मिली बाकी अन्य अध्यापक नदारद रहे।जबकि चार अध्यापकों का स्टॉप है।विद्यालय में मात्र दो कमरे है जिससे बच्चों को पठन पठान में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।विद्यालय की प्रधानाचार्या चंदा वारसी ने बताया कि दो अध्यापक छुट्टी पर है एक अध्यापक मिड डे मील का सामान खरीदने बाजार गए है।उन्होंने बताया कि जिले की तरफ से 2019 में मात्र 13 सीटे ही मिली है जो बच्चो के बैठने के लिए पर्याप्त नही है।

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मवई अयोध्या । के लाख प्रयास के बावजूद सरकारी स्कूलों की दशा में कोई सुधार होता नही दिख रहा है।ऐसे में सवाल यह उठता है कि आखिर बच्चो का भविष्य कैसे सुधरेगा।पिछले लगभग एक वर्षो से कोरोना का दंश झेल रहे नौनिहालों की पढ़ाई पर काफी असर पड़ा है।अब जब सरकार के आदेश पर सभी प्राथमिक विद्यालय खुल गए है पर अध्यापकों का रवैया जस के तस नजर आ रहा है।सरकारी स्कूलों की दशा को देखकर अभिभावक अपने बच्चो को प्राइवेट स्कूलों में पढ़ाना चाहते है लेकिन सभी अभिभावक अपने बच्चो को सरकारी नौकरी जरूर दिलाना चाहते है।क्योकि सरकारी स्कूलों की दशा को नही बल्कि अध्यापकों के सुकून को अच्छे से देख रहे हैं।ताजा मामला विकास खंड मवई शिक्षा क्षेत्र अंतर्गत प्राथमिक विद्यालय गोड़ियन पुरवा का है जहाँ प्रधानाचार्य चंदा वारसी ही मौजूद मिली बाकी अन्य अध्यापक नदारद रहे।जबकि चार अध्यापकों का स्टॉप है।विद्यालय में मात्र दो कमरे है जिससे बच्चों को पठन पठान में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।विद्यालय की प्रधानाचार्या चंदा वारसी ने बताया कि दो अध्यापक छुट्टी पर है एक अध्यापक मिड डे मील का सामान खरीदने बाजार गए है।उन्होंने बताया कि जिले की तरफ से 2019 में मात्र 13 सीटे ही मिली है जो बच्चो के बैठने के लिए पर्याप्त नही है।

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