प्रतापगढ़ (ब्यूरो)। सांगीपुर थाना की पुलिस ने शातिर अपराधी की गिरफ्तारी के लिए कंजास गांव में पोस्टर लगवाने के साथ ही डुग्गी पिटवाई। साथ ही माइक से मुनादी भी कराई। बताया गया कि कंजास गांव निवासी प्रदीप सिंह पुत्र गुड्डू सिंह पर धारा 376 तथा पास्को समेत कई मुकदमें दर्ज है। पुलिस काफी दिनों से उसकी खोजबीन कर रही है। इसके बावजूद आरोपी न तो पुलिस की गिरफ्त में आ सका और न ही न्यायालय में हाजिर हुआ। वह गिरफ्तारी से बचने के लिए फरार चल रहा है। शुक्रवार को दोपहर करीब दो बजे एसओ तुषार दत्त त्यागी अपने हमराहियों के साथ कंजास गांव पहुंचे। इसके बाद गांव में जगह जगह आरोपी का पोस्टर लगवाया तथा डुग्गी पिटवाया। साथ ही माइक से मुनाई करवाई कि आरोपी प्रदीप सिंह 15 दिन के अंदर न्यायालय में हाजिर नहीं होता तो उसकी चल अचल सम्पत्ति कुर्क कर दी जाएगी। यह घटना क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है। इस सम्बन्ध में एसओ तुषार दत्त त्यागी का कहना है कि प्रदीप सिंह शातिर अपराधी है। इससे क्षेत्र में दहशत व्याप्त रहती है। गिरफ्तारी से बचने के लिए वह पुलिस के चकमा देकर भाग रहा है। उसके खिलाफ 370/4 पास्को एक्ट तथा 67 बी एक्ट, धारा 82 सी आरपीसी के तहत कार्रवाई की गई है।
प्रतापगढ़ (ब्यूरो)। सांगीपुर थाना की पुलिस ने शातिर अपराधी की गिरफ्तारी के लिए कंजास गांव में पोस्टर लगवाने के साथ ही डुग्गी पिटवाई। साथ ही माइक से मुनादी भी कराई। बताया गया कि कंजास गांव निवासी प्रदीप सिंह पुत्र गुड्डू सिंह पर धारा 376 तथा पास्को समेत कई मुकदमें दर्ज है। पुलिस काफी दिनों से उसकी खोजबीन कर रही है। इसके बावजूद आरोपी न तो पुलिस की गिरफ्त में आ सका और न ही न्यायालय में हाजिर हुआ। वह गिरफ्तारी से बचने के लिए फरार चल रहा है। शुक्रवार को दोपहर करीब दो बजे एसओ तुषार दत्त त्यागी अपने हमराहियों के साथ कंजास गांव पहुंचे। इसके बाद गांव में जगह जगह आरोपी का पोस्टर लगवाया तथा डुग्गी पिटवाया। साथ ही माइक से मुनाई करवाई कि आरोपी प्रदीप सिंह 15 दिन के अंदर न्यायालय में हाजिर नहीं होता तो उसकी चल अचल सम्पत्ति कुर्क कर दी जाएगी। यह घटना क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है। इस सम्बन्ध में एसओ तुषार दत्त त्यागी का कहना है कि प्रदीप सिंह शातिर अपराधी है। इससे क्षेत्र में दहशत व्याप्त रहती है। गिरफ्तारी से बचने के लिए वह पुलिस के चकमा देकर भाग रहा है। उसके खिलाफ 370/4 पास्को एक्ट तथा 67 बी एक्ट, धारा 82 सी आरपीसी के तहत कार्रवाई की गई है।



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