रक्षाबंधन पर सद्भावना साहित्य सरिता संस्था की ओर से कल्याणपुर में कवि गोष्ठी और मुशायरा आयोजित
होलागढ़ (प्रयागराज)। कल्याणपुर में सद्भावना साहित्य सरिता संस्था द्वारा आयोजित कवि गोष्ठी एवं मुशायरा में कवियों ने रक्षाबंधन पर्व पर भाई बहन के पवित्र रिश्ते को उजागर करते हुए पढा, मेरे भइया से सुंदर कोई नहीं बा, हीरे मोती से बढ़के मेरी राखी बा।
कवि अनीश देहाती ने कहा कि चुनो उसको जो जीवों को दवाई दे,बनों उसके जो दुखिया की भलाई को दिखाई दे।कवि डाक्टर अरुण रत्नाकर ने पढ़ा कि जीना मुश्किल हो गया अब अपने गांव में,जिसको देखो लगा हुआ है अपने दांव में।एक मात्र महिला कवयित्री नन्दिता एकांकी ने पढा कि वक्त हर चीज का इलाज है सनम,दौरे गम भी लाइलाज है सनम। वरिष्ठ कवि एवं संचालक अशोक अग्रहरि ने कहा कि फसादों ने कई घर को उजाड़ा है, हमारे मुल्क को भी इसी ने बिगाड़ा है। लोगों ने इनके गीत अरे रे अरे रे बाबा को खूब सराहा। कार्यक्रम के अध्यक्ष एवं पत्रकार दया नाथ पांडेय ने सभी कवियों का अंगवस्त्र,प्रमाणपत्र देकर आभार प्रकट किया। अन्य कवियों में हास्य कवि प्रशांत भरुहिया, कृष्णा कांत कामिल, अर्जुन प्रसाद, रंगकर्मी संजय यादव, चन्द्र शेखर मित्र, विमल गुप्त सहित कौशल किशोर मिश्र वैद्य, नागेंद्र भूषण शुक्ल, व्यंकटेश बिहारी मिश्र, प्रधान पति रवीन्द्र राजा आदि मौजूद रहे।



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