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बॉक्स पोर्टर नहीं, गार्ड ने खड़ी कर दी मालगाड़ी

0 खाना खाने गया था पोर्टर, झोला कौन उठाये
प्रतापगढ़। स्थानीय जंक्शन पर परिचालन विभाग की लापरवाही रुक नहीं रही है। बुधवार को गार्ड का झोला उठाने के लिये आन डयूटी बॉक्स पोर्टर समय पर मौजूद था। उसके लिये गार्ड ने मालगाड़ी रोक दी। इसकी शिकायत बाकायदा पावर केबिन पर डिप्टी एसएस से कर दी। मालगाड़ी के जाने के बाद पोर्टर पहुंचा। उसने बताया कि वह खाना खाने गया था। फिलहाल अभिलेख में लेटलतीफी का उल्लेख कर दिया गया है।  सूत्रों के अनुसार मालगाड़ी गार्ड जेपी पांडेय को मालगाड़ी प्रतापगढ़ से गौरीगंज लेकर जाना था। वे समय पर एसएम ऑफिस पहुंच गये। मगर उनका झोला जिसमें झंडी और टार्च वगैरह थी, उसको मालगाड़ी पर पहुंचाने वाला आन डयूटी बॉक्स पोर्टर उस समय ऑफिस में मौजूद नहीं था। उसका इंतजार किया गया। मालगाड़ी लेट होने लगी। अन्तोगत्वा गार्ड को खुद झोला उठाकर ट्रेन तक जाना पड़ा। इस चक्कर में ट्रेन दस मिनट लेट हो गई। बात लेट लतीफी का नहीं है। गार्डों का कहना है कि ऐसा अक्सर होता है। उनका आरोप है कि बॉक्स पोर्टर डयूटी के अलावा सब काम करते हैं। ट्रेन के समय पर कम ही मिलते हैं। हालांकि पोर्टर भागते पहुंच गया था। उसने  डिप्टी एसएस एसपी पांडेय को बताया कि वह बताकर खाना खाने गया था। फिलहाल डयूटी के प्रति लापरवाही नहीं होनी चाहिए।

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0 खाना खाने गया था पोर्टर, झोला कौन उठाये
प्रतापगढ़। स्थानीय जंक्शन पर परिचालन विभाग की लापरवाही रुक नहीं रही है। बुधवार को गार्ड का झोला उठाने के लिये आन डयूटी बॉक्स पोर्टर समय पर मौजूद था। उसके लिये गार्ड ने मालगाड़ी रोक दी। इसकी शिकायत बाकायदा पावर केबिन पर डिप्टी एसएस से कर दी। मालगाड़ी के जाने के बाद पोर्टर पहुंचा। उसने बताया कि वह खाना खाने गया था। फिलहाल अभिलेख में लेटलतीफी का उल्लेख कर दिया गया है।  सूत्रों के अनुसार मालगाड़ी गार्ड जेपी पांडेय को मालगाड़ी प्रतापगढ़ से गौरीगंज लेकर जाना था। वे समय पर एसएम ऑफिस पहुंच गये। मगर उनका झोला जिसमें झंडी और टार्च वगैरह थी, उसको मालगाड़ी पर पहुंचाने वाला आन डयूटी बॉक्स पोर्टर उस समय ऑफिस में मौजूद नहीं था। उसका इंतजार किया गया। मालगाड़ी लेट होने लगी। अन्तोगत्वा गार्ड को खुद झोला उठाकर ट्रेन तक जाना पड़ा। इस चक्कर में ट्रेन दस मिनट लेट हो गई। बात लेट लतीफी का नहीं है। गार्डों का कहना है कि ऐसा अक्सर होता है। उनका आरोप है कि बॉक्स पोर्टर डयूटी के अलावा सब काम करते हैं। ट्रेन के समय पर कम ही मिलते हैं। हालांकि पोर्टर भागते पहुंच गया था। उसने  डिप्टी एसएस एसपी पांडेय को बताया कि वह बताकर खाना खाने गया था। फिलहाल डयूटी के प्रति लापरवाही नहीं होनी चाहिए।

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