V
E
उत्तर प्रदेश के जिले
भारत के राज्य
🔥 ट्रेंडिंग

डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के गड्ढा मुक्त सड़कों के दावों की पोल खोल रही कौशाम्बी की सड़के

कमर हिचकोले खाये ला गड्ढा युक्त सड़क की जुबानी
कौशाम्बी। कौशाम्बी के लाल कहे जाने वाले उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य उनके गृह जनपद कौशाम्बी की सड़कों का हाल बेहाल है वा चायल विधायक संजय गुप्ता आये दिन विकास की गाथा गाते रहते है गुप्ता जी पीडब्लूडी के सदस्य रहते हुए भी वहीं कौशाम्बी पूरामुफ्ती होते हुए प्रयागराज, फतेपुर,कानपुर को जोड़ने वाली सड़क प्रदेश सरकार की गड्ढा मुक्त सड़क की वाहवाही लूटने वाली सरकार की वादों पर पोल खोल रही है। चायल से पूरामुफ्ती तक लगभग चार किलोमीटर तक सड़क की स्थिति तालाबों जैसे बड़े-बड़े गड्ढों में तब्दील नजर आ रही है। सड़क के किनारे नालियां भ्रष्ट होने से पूरी तरह गंदगी का अंबार भी लगा रहता है। ऐसे में इस सड़क मार्ग से होकर जाने वाले राहगीरों को सड़क पर तालाब नुमा बने बड़े-बड़े गड्ढों से पार करते हुए गंभीर चुनौतियों से गुजरना पड़ता है। आपको बता दें कि कौशाम्बी को जोड़ने वाली सड़क जो कि पूरामुफ्ती चौराहा से चायल मार्ग तक पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी है। स्थानीय लोगों की माने तो इस सड़क का कई बार मरहम पट्टी लगाने जैसा गड्ढा भरने का काम हो चुका है। हर बार सरकारी खजाने से निकले लाखों रुपए पानी में ही बह जाते हैं। फिर भी समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है। आखिर इसे किसकी नाकामी कहें स्थानीय लोगों की या फिर वहां से गुजरने वाले राहगीरों की यह फिर सड़क बनाने वाले ठेकेदार की या फिर संबंधित अधिकारियों की या फिर गड्ढा मुक्त उत्तर प्रदेश के दावा ठोकने वाले विधायक या मंत्री की । जनता की गाढ़ी कमाई का लाखों रुपए तो हर वर्ष पानी में बह जा रहा है। बताया जाता है सड़क के किनारे नालियां भ्रष्ट होने के कारण घरों से निकलने वाला गंदा पानी सड़क पर भरा रहता है और बरसात होने पर सड़क तलाबो में तब्दील हों जाता है। नालियों की मरम्मत वा साफ-सफाई भी कभी नहीं होती इससे सड़क हर बार खराब हो जाती है। वहीं काजीपुर जीटी रोड से उजिहिनी गंगा घाट को जाने वाली पौने दो किलोमीटर रोड, खडिंझा, नाली बहत्तर लाख से भी ज्यादा रुपए में बनी, अफसोस इसकी दुर्दशा तीन महीने बाद ही दयनीय हो चुकी है। जगह जगह सड़क टूटी हुई नाली कंडीशन टूटा हुआ जगह जगह पानी रोड पर बह रहा है। पैदल चलना भी हुआ दुस्वार, एक साल के अंदर ही 72 लाख पहली ही बरसात में बह गए। निवेदन है कि अधिकारियों से जांच कराकर निर्माण कार्य करने वाली संस्था व दोषी ठिकेदार के विरुद्ध कार्रवाई की जाए। वहीं भगवानपुर बहुंगरा ग्राम सभा का प्रधान बदले,नेवादा ब्लॉक प्रमुख बदले, ब्लॉक के अधिकारी बदले लेकिन गाँवो के गलियां बरसात में गोंते खाने वाली स्थिति नहीं बदली। अब यह देखना है कि कीचड़ मुक्त गाँव की गलियां, गड्ढा मुक्त सड़के बदहाली से निजात कबतक पाती है।

"लोकमित्र" देश का बड़ा विश्वसनीय हिन्दी दैनिक एवं डिजिटल न्यूज़ चैनल है जो कि आपको राजनीति, मनोरंजन, देश-विदेश करंट अफेयर्स, खेल और देश की सभी बड़ी खबरों पर अपनी नजर रखता है और अपने पाठकों को जनता से जुड़े मुद्दों पर जागरूक बनाए रखता है।
कमर हिचकोले खाये ला गड्ढा युक्त सड़क की जुबानी
कौशाम्बी। कौशाम्बी के लाल कहे जाने वाले उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य उनके गृह जनपद कौशाम्बी की सड़कों का हाल बेहाल है वा चायल विधायक संजय गुप्ता आये दिन विकास की गाथा गाते रहते है गुप्ता जी पीडब्लूडी के सदस्य रहते हुए भी वहीं कौशाम्बी पूरामुफ्ती होते हुए प्रयागराज, फतेपुर,कानपुर को जोड़ने वाली सड़क प्रदेश सरकार की गड्ढा मुक्त सड़क की वाहवाही लूटने वाली सरकार की वादों पर पोल खोल रही है। चायल से पूरामुफ्ती तक लगभग चार किलोमीटर तक सड़क की स्थिति तालाबों जैसे बड़े-बड़े गड्ढों में तब्दील नजर आ रही है। सड़क के किनारे नालियां भ्रष्ट होने से पूरी तरह गंदगी का अंबार भी लगा रहता है। ऐसे में इस सड़क मार्ग से होकर जाने वाले राहगीरों को सड़क पर तालाब नुमा बने बड़े-बड़े गड्ढों से पार करते हुए गंभीर चुनौतियों से गुजरना पड़ता है। आपको बता दें कि कौशाम्बी को जोड़ने वाली सड़क जो कि पूरामुफ्ती चौराहा से चायल मार्ग तक पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी है। स्थानीय लोगों की माने तो इस सड़क का कई बार मरहम पट्टी लगाने जैसा गड्ढा भरने का काम हो चुका है। हर बार सरकारी खजाने से निकले लाखों रुपए पानी में ही बह जाते हैं। फिर भी समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है। आखिर इसे किसकी नाकामी कहें स्थानीय लोगों की या फिर वहां से गुजरने वाले राहगीरों की यह फिर सड़क बनाने वाले ठेकेदार की या फिर संबंधित अधिकारियों की या फिर गड्ढा मुक्त उत्तर प्रदेश के दावा ठोकने वाले विधायक या मंत्री की । जनता की गाढ़ी कमाई का लाखों रुपए तो हर वर्ष पानी में बह जा रहा है। बताया जाता है सड़क के किनारे नालियां भ्रष्ट होने के कारण घरों से निकलने वाला गंदा पानी सड़क पर भरा रहता है और बरसात होने पर सड़क तलाबो में तब्दील हों जाता है। नालियों की मरम्मत वा साफ-सफाई भी कभी नहीं होती इससे सड़क हर बार खराब हो जाती है। वहीं काजीपुर जीटी रोड से उजिहिनी गंगा घाट को जाने वाली पौने दो किलोमीटर रोड, खडिंझा, नाली बहत्तर लाख से भी ज्यादा रुपए में बनी, अफसोस इसकी दुर्दशा तीन महीने बाद ही दयनीय हो चुकी है। जगह जगह सड़क टूटी हुई नाली कंडीशन टूटा हुआ जगह जगह पानी रोड पर बह रहा है। पैदल चलना भी हुआ दुस्वार, एक साल के अंदर ही 72 लाख पहली ही बरसात में बह गए। निवेदन है कि अधिकारियों से जांच कराकर निर्माण कार्य करने वाली संस्था व दोषी ठिकेदार के विरुद्ध कार्रवाई की जाए। वहीं भगवानपुर बहुंगरा ग्राम सभा का प्रधान बदले,नेवादा ब्लॉक प्रमुख बदले, ब्लॉक के अधिकारी बदले लेकिन गाँवो के गलियां बरसात में गोंते खाने वाली स्थिति नहीं बदली। अब यह देखना है कि कीचड़ मुक्त गाँव की गलियां, गड्ढा मुक्त सड़के बदहाली से निजात कबतक पाती है।

Leave a Comment