हर्षोल्लास संग मना जन्म दिवस समारोह
प्रतापगढ़ (ब्यूरो)। महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी शिक्षा जगत के मालवीय पण्डित मुनीश्वरदत्त उपाध्याय का जन्म दिवस समारोह तिलक इंटर कालेज सभागार में हर्षोल्लास पूर्वक मनाया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पं. श्याम किशोर शुक्ल विशिष्ट अतिथि पं. श्याम शंकर मिश्र रहे। अध्यक्षता डा. प्रशांत देव शुक्ल एवं संचालन डा. श्यामजी ने किया। सर्वप्रथम महामना जी के चित्र पर माल्यार्पण दीप प्रज्जवलन का कार्यक्रम हुआ। तत्पश्चात छात्राओ द्वारा सरस्वती वंदना एवं स्वागत गीत प्रस्तुत किया गया। छात्राओ द्वारा रंगारंग प्रस्तुति गीतो के माध्यम से की गई। स्वागत भाषण विद्यालय के प्रधानाचार्य प्रमोद कुमार तिवारी ने किया। तत्पश्चात अतिथियो का माल्यार्पण कर स्वागत किया गया। मुख्य अतिथि पं. श्याम किशोर शुक्ल ने अपने उद्बोधन में कहा कि पं. उपाध्याय जी का व्यक्तित्व कालजयी था। उन्होने सुदूर ग्रामीण अंचल में जन्म लेकर जिस तरह से पूरे देश में अपने व्यक्तित्व को विस्तारित किया वह वंदनीय है। अपने स्वाभिमान के नाम पर कभी कोई समझौता नहीं करते थे। यही कारण था कि नेहरू जी एवं शास्त्री जी के बहुत करीबी थे। वे भारत की संविधान निर्मात्री के सदस्य के रूप में वरण्य है। अध्यक्ष डा. प्रशांत देव शुक्ल ने कहा कि आज उनका जन्म दिवस मनाना तभी सार्थक होगा जब विद्यालयो के शिक्षकगण संकल्प के साथ अनुशासन को संयमित कर विद्यार्थियो को उज्जवल भविष्य के निर्माण में आगे बढ़ाये। विशिष्ट अतिथि श्याम शंकर मिश्र ऐलाही ने कहा कि पं. उपाध्याय के व्यक्तित्व के साथ विशेषण जोड़ना सूरज को दीया दिखाने जैसा होगा। उनका व्यक्तित्व महान था। हम उन्हे आदर के साथ नमन करते है। इस दौरान डा. लालजी त्रिपाठी, जयकरन वर्मा, डा. निशाकांत ओझा, नरसिंह प्रसाद मिश्र, विधिदेव शुक्ल, प्रेम शंकर द्विवेदी, जमुना पाण्डेय, कपिल द्विवेदी, इरफान अली, पं. राम विभूति मिश्र, महेन्द्र शुक्ल आदि ने अपने विचार व्यक्त किये। इस अवसर पर वरिष्ठा प्रवक्ता रमेश मिश्र, ओम शंकर मिश्र, संतोष पांडेय, विनीता सिंह, महेन्द्र त्रिपाठी एवं आनन्द तिवारी आदि उपस्थित रहे।
हर्षोल्लास संग मना जन्म दिवस समारोह
प्रतापगढ़ (ब्यूरो)। महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी शिक्षा जगत के मालवीय पण्डित मुनीश्वरदत्त उपाध्याय का जन्म दिवस समारोह तिलक इंटर कालेज सभागार में हर्षोल्लास पूर्वक मनाया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पं. श्याम किशोर शुक्ल विशिष्ट अतिथि पं. श्याम शंकर मिश्र रहे। अध्यक्षता डा. प्रशांत देव शुक्ल एवं संचालन डा. श्यामजी ने किया। सर्वप्रथम महामना जी के चित्र पर माल्यार्पण दीप प्रज्जवलन का कार्यक्रम हुआ। तत्पश्चात छात्राओ द्वारा सरस्वती वंदना एवं स्वागत गीत प्रस्तुत किया गया। छात्राओ द्वारा रंगारंग प्रस्तुति गीतो के माध्यम से की गई। स्वागत भाषण विद्यालय के प्रधानाचार्य प्रमोद कुमार तिवारी ने किया। तत्पश्चात अतिथियो का माल्यार्पण कर स्वागत किया गया। मुख्य अतिथि पं. श्याम किशोर शुक्ल ने अपने उद्बोधन में कहा कि पं. उपाध्याय जी का व्यक्तित्व कालजयी था। उन्होने सुदूर ग्रामीण अंचल में जन्म लेकर जिस तरह से पूरे देश में अपने व्यक्तित्व को विस्तारित किया वह वंदनीय है। अपने स्वाभिमान के नाम पर कभी कोई समझौता नहीं करते थे। यही कारण था कि नेहरू जी एवं शास्त्री जी के बहुत करीबी थे। वे भारत की संविधान निर्मात्री के सदस्य के रूप में वरण्य है। अध्यक्ष डा. प्रशांत देव शुक्ल ने कहा कि आज उनका जन्म दिवस मनाना तभी सार्थक होगा जब विद्यालयो के शिक्षकगण संकल्प के साथ अनुशासन को संयमित कर विद्यार्थियो को उज्जवल भविष्य के निर्माण में आगे बढ़ाये। विशिष्ट अतिथि श्याम शंकर मिश्र ऐलाही ने कहा कि पं. उपाध्याय के व्यक्तित्व के साथ विशेषण जोड़ना सूरज को दीया दिखाने जैसा होगा। उनका व्यक्तित्व महान था। हम उन्हे आदर के साथ नमन करते है। इस दौरान डा. लालजी त्रिपाठी, जयकरन वर्मा, डा. निशाकांत ओझा, नरसिंह प्रसाद मिश्र, विधिदेव शुक्ल, प्रेम शंकर द्विवेदी, जमुना पाण्डेय, कपिल द्विवेदी, इरफान अली, पं. राम विभूति मिश्र, महेन्द्र शुक्ल आदि ने अपने विचार व्यक्त किये। इस अवसर पर वरिष्ठा प्रवक्ता रमेश मिश्र, ओम शंकर मिश्र, संतोष पांडेय, विनीता सिंह, महेन्द्र त्रिपाठी एवं आनन्द तिवारी आदि उपस्थित रहे।



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