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कलाकारों ने बिखेरे लोक कला के विविध रंग

“एकता” द्वारा राग रंग उत्सव आयोजित
प्रयागराज। भारतीय कला, संस्कृति के प्रति समर्पित प्रयागराज की चर्चित संस्था “एकता” द्वारा  आजादी का अमृत महोत्सव के अंतर्गत “लोक राग रंग उत्सव” का भव्य आयोजन मंगलवार को दिल्ली के अक्षरा ऑडिटोरियम में एवं बुधवार को आई .एम.ए. ऑडिटोरियम, रोहतक, (हरियाणा) में किया गया। इसमें भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन पर आधारित नाटक “लाल पद्मधर” का मंचन एवं लोक नृत्य की मनोहारी प्रस्तुति की गई। संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार के सहयोग से आयोजित “लोक राग रंग उत्सव” में “एकता” संस्था की दोनों ही प्रस्तुतियां प्रभावशाली थी। पहली प्रस्तुति अजीत दुबे द्वारा लिखित नाटक लाल पदमधर का मंचन युवा रंगकर्मी पंकज गौड़ के निर्देशन में किया गया। नाटक भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन पर आधारित था। नाटक में अंग्रेजी हुकूमत द्वारा भारतीयों पर की जा रही बर्बरता, अत्याचार एवं भारतीय सेनाओं के संघर्ष को बहुत ही मार्मिक रूप से दर्शाने का प्रयास किया गया। 1942 में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने करो या मरो का नारा देते हुए भारतीय सैनिकों में जोश भरते हुए अंग्रेजी सैनिकों पर हमला बोलने का आवाहन किया गया था। इस घटना को मुख्य रूप से नाटक में दिखाया गया। सभी कलाकारों ने अपने प्रभावपूर्ण अभिनय से पूरे समय दर्शकों को नाटक से बांधे रखा। लाल पद्मधर की भूमिका में श्वेतांग मिश्रा,  नयनतारा की भूमिका में प्रगति रावत, मां की भूमिका में शीला, सूत्रधार की भूमिका में शुभम सिंह की प्रभावपूर्ण भूमिका थी। आरिश जमील, हरशलराज, शुभेंदु कुमार, यश मिश्रा, अभिषेक सिंह ठाकुर, शरद कुशवाहा, विक्रांत केसरवानी ने भी अपनी भूमिकाओं के साथ न्याय किया। संगीत परिकल्पना रोहित यादव, प्रकाश व्यवस्था अभिषेक गिरी  गीतकार कुमार विकास, मंच सामग्री प्रियांशु कुशवाहा, शरद यादव, रूपसज्जा शीला एवं प्रगति रावत का  था। नाटक के लेखक अजीत दुबे थे।
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