राजा प्रताप बहादुर अस्पताल में डाक्टरों और वकीलों में मारपीट
ओपीडी में तालाबंदी हंगामा, धरने पर बैठे अधिवक्ता
पर्ची कटवाने को लेकर हुआ था डाक्टर से विवाद
प्रतापगढ़। डाक्टर सोने लाल पटेल स्वशासी मेडिकल से संबद्ध राजा प्रताप बहादुर अस्पताल में मंगलवार को पूर्वाह्न पर्चा काउंटर पर अधिवक्ताओं और डाक्टरों के बीच जमकर मारपीट हुई। जिससे ओपीडी में हंगामा खड़ा हो गया। मरीज,तीमारदार और डाक्टर सभी जान बचाकर भागने लगे। इस मामले में पीड़ित अधिवक्ता शशि कांत शुक्ला की तरफ़ से कोतवाली में तहरीर दी गई है। जिसमें दो डाक्टरों समेत दर्जन भर मेडिकल की पढ़ाई करने वाले छात्रों को मारपीट करने और जंजीर छीनने का आरोपी बनाया गया है।
जानकारी के अनुसार राजा प्रताप बहादुर अस्पताल के पर्चा काउंटर पर एमबीबीएस के छात्रों, डाक्टर और कर्मी से किसी बात पर विवाद हो गया। बताया जाता है कि जिसमें कुछ अधिकवक्ताओं ने दखल दिया। बस इसी बात को लेकर दोनो पक्षों के बीच मारपीट शुरु हो गई। जिसमें ओपीडी का गेट बंद कर लोगों की मारा गया। इससे हंगामा खड़ा हो गया। मामले की सूचना पाकर कोतवाल मय फोर्स अस्पताल पहुंचे। इस मामले में पीड़ित वकील शशिकांत शुक्ला निवासी शुकुलपुर कोतवाली नगर की तरफ से कोतवाली में तहरीर दी गई है। जिसमें उन्होंने अपने साथ साथ साथी अधिवक्ता नीरज मिश्रा और बचाव करने गए पंकज सरोज के पीटे जाने और नीरज की जंजीर छीनने का आरोप लगाया है। उनकी तहरीर पर कोतवाली पुलिस ने डाक्टर सचिन ( हड्डी वाले नहीं) डाक्टर लक्ष्मीकांत को नामित करते हुए मेडिकल कालेज हॉस्टल के दस,बारह अज्ञात छात्रों के खिलाफ़ धारा 147,392,323 और 504 में मुकदमा दर्ज किया है। कोतवाल ने बताया कि मुकदमा दर्ज किया गया है। उधर मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ सलिल कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि लोगों ने बिना किसी वजह डाक्टरों को मारा पीटा है। जिसमें कई छात्र भी जख्मी हुए हैं। सभी का मेडिकल कराया जा रहा है। घटना से सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न हुई है। तहरीर देकर आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी। डाक्टर लक्ष्मीकांत वहां थे ही नहीं। बिना वजह ईएमओ डाक्टर सचिन को आरोपित किया गया।